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लखनऊ-गोंडा में भूकंप के हल्के झटके, लोग सहमे
National (India) / राष्ट्रीय (भारत)
Uttar Pradesh -
Lucknow
यूपी में भूकंप से हड़कंप, लखनऊ-गोंडा में 3.7 तीव्रता के झटके
06 Feb 2026, 08:04 AM
Portal : Jagat Vichar
Reporter :
Mahesh Sharma
Lucknow उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और गोंडा समेत आसपास के इलाकों में शुक्रवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक धरती के हल्के झटके महसूस किए गए। सुबह करीब 7 बजकर 32 मिनट पर आए इस भूकंप की तीव्रता 3.7 मापी गई, जिससे लोग घबराकर अपने घरों और बहुमंजिला इमारतों से बाहर निकल आए।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थित था और इसकी गहराई जमीन से अपेक्षाकृत कम रही। यही कारण है कि झटके लखनऊ समेत आसपास के जिलों तक महसूस किए गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस भूकंप से किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
लखनऊ के कई इलाकों, खासकर ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने कंपन को साफ महसूस किया। कुछ सेकंड तक जमीन के हिलने का एहसास होते ही लोग दहशत में आ गए और एहतियातन खुले स्थानों की ओर दौड़ पड़े। कई जगहों पर लोग फोन कर अपने रिश्तेदारों और परिचितों की कुशलक्षेम पूछते नजर आए।
गोंडा जिले में भूकंप के झटके अपेक्षाकृत हल्के थे, लेकिन फिर भी लोगों में डर का माहौल बन गया। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने भूकंप की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 3.7 तीव्रता का भूकंप सामान्य तौर पर ज्यादा नुकसानदेह नहीं होता, लेकिन इसकी वजह से लोगों में घबराहट स्वाभाविक है। उत्तर भारत भूकंपीय जोन में आता है, ऐसे में समय-समय पर हल्के झटके महसूस किए जाते रहते हैं।
गौरतलब है कि यह घटना हाल ही में म्यांमार में आए शक्तिशाली भूकंप के कुछ दिनों बाद हुई है, जिसका असर भारत के पूर्वी हिस्सों तक देखा गया था। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार, इन दोनों घटनाओं के बीच सीधा संबंध नहीं है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांत रहें। साथ ही भूकंप जैसी आपदाओं के दौरान सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थित था और इसकी गहराई जमीन से अपेक्षाकृत कम रही। यही कारण है कि झटके लखनऊ समेत आसपास के जिलों तक महसूस किए गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस भूकंप से किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
लखनऊ के कई इलाकों, खासकर ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने कंपन को साफ महसूस किया। कुछ सेकंड तक जमीन के हिलने का एहसास होते ही लोग दहशत में आ गए और एहतियातन खुले स्थानों की ओर दौड़ पड़े। कई जगहों पर लोग फोन कर अपने रिश्तेदारों और परिचितों की कुशलक्षेम पूछते नजर आए।
गोंडा जिले में भूकंप के झटके अपेक्षाकृत हल्के थे, लेकिन फिर भी लोगों में डर का माहौल बन गया। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने भूकंप की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 3.7 तीव्रता का भूकंप सामान्य तौर पर ज्यादा नुकसानदेह नहीं होता, लेकिन इसकी वजह से लोगों में घबराहट स्वाभाविक है। उत्तर भारत भूकंपीय जोन में आता है, ऐसे में समय-समय पर हल्के झटके महसूस किए जाते रहते हैं।
गौरतलब है कि यह घटना हाल ही में म्यांमार में आए शक्तिशाली भूकंप के कुछ दिनों बाद हुई है, जिसका असर भारत के पूर्वी हिस्सों तक देखा गया था। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार, इन दोनों घटनाओं के बीच सीधा संबंध नहीं है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांत रहें। साथ ही भूकंप जैसी आपदाओं के दौरान सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम से संपर्क करने की सलाह दी गई है।