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उत्तर प्रदेश में मेरठ शहर के चर्चित सेंट्रल मार्केट प्रकरण में शनिवार को आवास विकास परिषद ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सेटबैक संबंधी कार्रवाई शुरू कर दी। कार्रवाई की शुरुआत नौचंदी थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर अमित मिरिंडा के मकान से की गई, जहां बुलडोजर चलाकर भवन के हिस्से को ध्वस्त किया गया। प्रशासन की कार्रवाई शुरू होते ही इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने विरोध जताना शुरू कर दिया।
शनिवार सुबह आवास विकास परिषद की टीम बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ सेंट्रल मार्केट पहुंची। अधिकारियों ने सबसे पहले हिस्ट्रीशीटर अमित मिरिंडा के दो मंजिला मकान पर कार्रवाई की। इस दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
30 से अधिक मुकदमे दर्ज होने का दावा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमित मिरिंडा नौचंदी थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है और मेडिकल थाना क्षेत्र के डी-155 गिरोह का सक्रिय सरगना माना जाता है। पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में हत्या, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट और अन्य गंभीर अपराधों के 30 से अधिक मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है और इसका उद्देश्य अवैध निर्माण एवं निर्धारित मानकों के उल्लंघन पर कार्रवाई करना है।
महिलाओं ने किया विरोध
जैसे ही आवास विकास की टीम अन्य मकानों की ओर बढ़ी, स्थानीय महिलाओं और निवासियों ने विरोध शुरू कर दिया। महिलाओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और कहा कि कई मकान दशकों पुराने हैं। यदि सेटबैक के नाम पर तोड़फोड़ की गई तो भवनों की संरचना प्रभावित हो सकती है और मकान कमजोर हो जाएंगे।
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