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अफवाहों पर पुलिस सख्ती
27 दिनों में 807 लापता, डर फैलाने वालों पर दिल्ली पुलिस का एक्शन
Crime / अपराध
Delhi -
New Delhi
दिल्ली में लापता मामलों पर पुलिस सख्त, अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी
06 Feb 2026, 06:37 AM
Portal : Jagat Vichar
Reporter :
Mahesh Sharma
New Delhi राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लापता लोगों के आंकड़ों को लेकर फैली चिंताओं और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर अब दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। जनवरी 2026 के पहले 27 दिनों में सैकड़ों लोगों के लापता होने की खबरों के बाद पुलिस ने साफ किया है कि भ्रामक जानकारी फैलाकर डर का माहौल बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 27 जनवरी 2026 के बीच राजधानी में कुल 807 लोगों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई। इनमें से 235 लोगों को पुलिस ने ढूंढ लिया है, जबकि 572 लोगों की तलाश अभी जारी है। पुलिस का कहना है कि लापता होने के मामलों में हर शिकायत पर तय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है।
इन आंकड़ों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे और वीडियो वायरल होने लगे, जिनमें लापता मामलों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने इसे लेकर बयान जारी करते हुए कहा कि कुछ लोग पैसों के लालच या लोकप्रियता हासिल करने के लिए गलत जानकारी फैला रहे हैं, जिससे आम जनता में अनावश्यक डर पैदा हो रहा है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि दिल्ली में किसी संगठित गिरोह द्वारा बड़े पैमाने पर अपहरण की घटनाएं हो रही हैं। पुलिस का कहना है कि लापता होने के मामलों में कई वजहें होती हैं, जैसे पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव, घर से बिना बताए चले जाना या काम के सिलसिले में संपर्क टूट जाना।
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और न ही उन्हें आगे साझा करें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि गलत या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
एक सोशल मीडिया पोस्ट में दिल्ली पुलिस ने कहा, “हम सभी मामलों की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। डर फैलाने की कोशिश करने वालों की खैर नहीं होगी।” पुलिस ने यह भी बताया कि लापता लोगों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और तकनीकी संसाधनों की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार रिपोर्टिंग और जागरूक नागरिकों की भूमिका बेहद अहम होती है। अफवाहें न केवल पुलिस के काम में बाधा डालती हैं, बल्कि समाज में असुरक्षा की भावना भी बढ़ाती हैं।
कुल मिलाकर दिल्ली पुलिस ने साफ संकेत दे दिए हैं कि लापता मामलों की जांच के साथ-साथ अफवाह फैलाने वालों पर भी अब सख्त नजर रखी जाएगी, ताकि राजधानी में शांति और भरोसे का माहौल बना रहे।
दिल्ली पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 27 जनवरी 2026 के बीच राजधानी में कुल 807 लोगों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई। इनमें से 235 लोगों को पुलिस ने ढूंढ लिया है, जबकि 572 लोगों की तलाश अभी जारी है। पुलिस का कहना है कि लापता होने के मामलों में हर शिकायत पर तय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है।
इन आंकड़ों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे और वीडियो वायरल होने लगे, जिनमें लापता मामलों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने इसे लेकर बयान जारी करते हुए कहा कि कुछ लोग पैसों के लालच या लोकप्रियता हासिल करने के लिए गलत जानकारी फैला रहे हैं, जिससे आम जनता में अनावश्यक डर पैदा हो रहा है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि दिल्ली में किसी संगठित गिरोह द्वारा बड़े पैमाने पर अपहरण की घटनाएं हो रही हैं। पुलिस का कहना है कि लापता होने के मामलों में कई वजहें होती हैं, जैसे पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव, घर से बिना बताए चले जाना या काम के सिलसिले में संपर्क टूट जाना।
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और न ही उन्हें आगे साझा करें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि गलत या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
एक सोशल मीडिया पोस्ट में दिल्ली पुलिस ने कहा, “हम सभी मामलों की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। डर फैलाने की कोशिश करने वालों की खैर नहीं होगी।” पुलिस ने यह भी बताया कि लापता लोगों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और तकनीकी संसाधनों की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार रिपोर्टिंग और जागरूक नागरिकों की भूमिका बेहद अहम होती है। अफवाहें न केवल पुलिस के काम में बाधा डालती हैं, बल्कि समाज में असुरक्षा की भावना भी बढ़ाती हैं।
कुल मिलाकर दिल्ली पुलिस ने साफ संकेत दे दिए हैं कि लापता मामलों की जांच के साथ-साथ अफवाह फैलाने वालों पर भी अब सख्त नजर रखी जाएगी, ताकि राजधानी में शांति और भरोसे का माहौल बना रहे।