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वैभव की ऐतिहासिक विस्फोटक पारी वैभव सूर्यवंशी के 175 रनों से भारत ने फाइनल में बनाई बढ़त Sports / खेल 1958 - Harare
U-19 वर्ल्ड कप फाइनल में वैभव सूर्यवंशी का तूफान, 175 रन से इंग्लैंड बैकफुट पर
06 Feb 2026, 10:07 AM
Portal : Jagat Vichar Reporter : Mahesh Sharma
Harare आईसीसी मेन्स अंडर-19 विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला क्रिकेट इतिहास में एक यादगार अध्याय बनता नजर आ रहा है। हरारे के मैदान पर खेले जा रहे खिताबी मुकाबले में भारत और इंग्लैंड आमने-सामने हैं, जहां भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने ऐसी तूफानी पारी खेली कि अंग्रेजी गेंदबाजी पूरी तरह चरमरा गई।

भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और यह निर्णय पूरी तरह सही साबित हुआ। पारी की शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अपनाया, लेकिन असली आतिशबाज़ी वैभव सूर्यवंशी के बल्ले से देखने को मिली। वैभव ने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट्स लगाते हुए दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी में 15 छक्के और 15 चौके जड़ते हुए कुल 175 रन बनाए। उनकी बल्लेबाजी में तकनीक, ताकत और आत्मविश्वास का अद्भुत मिश्रण दिखा। इंग्लैंड के किसी भी गेंदबाज के पास वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी का कोई जवाब नहीं था। खासतौर पर 17वें ओवर में उन्होंने स्पिन गेंदबाज फरहान अहमद के ओवर में 22 रन बटोरकर मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया।

भारतीय टीम ने 14वें ओवर में ही 100 रन का आंकड़ा पार कर लिया था, जिससे यह साफ हो गया कि टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही है। वैभव के अलावा अन्य बल्लेबाजों ने भी उपयोगी योगदान दिया और इंग्लैंड पर लगातार दबाव बनाए रखा।

यह पारी सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि मानसिक बढ़त भी भारत के पक्ष में ले आई। पांच बार की चैंपियन भारतीय टीम एक बार फिर खिताब जीतने की ओर मजबूती से कदम बढ़ाती नजर आई। दूसरी ओर इंग्लैंड की टीम, जो अब तक टूर्नामेंट में संतुलित प्रदर्शन कर रही थी, इस मुकाबले में पूरी तरह रक्षात्मक नजर आई।

मैच के दौरान स्टेडियम में मौजूद दर्शक हर बड़े शॉट पर तालियों की गूंज से माहौल को रोमांचक बना रहे थे। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी की यह पारी अंडर-19 विश्व कप इतिहास की सबसे बेहतरीन पारियों में गिनी जाएगी।

अब सभी की निगाहें इंग्लैंड की बल्लेबाजी पर टिकी हैं कि वह इस विशाल लक्ष्य का पीछा कैसे करती है। लेकिन एक बात तय है—वैभव सूर्यवंशी ने इस फाइनल को हमेशा के लिए यादगार बना दिया है।