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भस्म आरती में अवैध वसूली का मामला
उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित भस्म आरती के दौरान अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। श्रद्धालुओं से निर्धारित शुल्क से कई गुना अधिक राशि वसूलने के आरोप लगाए गए हैं, जिससे मंदिर प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठ गए हैं।
शिकायत के अनुसार, जहां भस्म आरती का आधिकारिक टिकट लगभग 200 रुपये का है, वहीं कुछ लोगों से इसे 2500 रुपये तक में बेचने की बात सामने आई है। इस घटना ने धार्मिक स्थल पर पारदर्शिता और प्रबंधन को लेकर नई बहस खड़ी कर दी है।
श्रद्धालुओं से भारी रकम वसूली
जांच के दौरान सामने आया कि कुछ श्रद्धालुओं से भस्म आरती में प्रवेश और अनुमति के नाम पर तय शुल्क से कई गुना अधिक पैसे लिए गए। तीन श्रद्धालुओं से लगभग 7500 रुपये तक वसूले जाने की शिकायत दर्ज की गई है।
यह मामला तब उजागर हुआ जब श्रद्धालुओं ने इसकी शिकायत सीधे प्रशासन से की। इसके बाद पूरे सिस्टम की जांच शुरू की गई, जिसमें कई अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।
अचानक निरीक्षण में खुलासा
मंदिर प्रशासन ने शिकायतों के बाद अचानक निरीक्षण किया, जिसमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। प्रशासनिक अधिकारी स्वयं तड़के सुबह भस्म आरती व्यवस्था की जांच के लिए पहुंचे और पूरी प्रक्रिया को बारीकी से देखा।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि प्रवेश व्यवस्था और टिकट वितरण प्रणाली में पारदर्शिता की कमी है, जिससे दलालों और कुछ कर्मचारियों द्वारा अनुचित लाभ उठाने की आशंका मजबूत हुई है।
प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी
मामले के सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन ने जांच को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर कई लोगों से पूछताछ की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
यह पहली बार नहीं है जब महाकाल मंदिर में इस तरह की अनियमितताओं के आरोप लगे हों। इससे पहले भी दर्शन और विशेष आरती के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूली के मामले सामने आ चुके हैं।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने मंदिर प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और सुधार की आवश्यकता को और अधिक स्पष्ट कर दिया है।
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