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रियलिटी शो या अखाड़ा
पांच दिन में हिंसा हावी, कंटेंट कमजोर, सेलेब्स फीके
Entertainment / मनोरंजन
Maharashtra -
Mumbai
50 सेलेब्स के बावजूद फेल क्यों हुआ ‘द 50’, वॉयलेंस ने बिगाड़ा रियलिटी शो का खेल
06 Feb 2026, 11:45 AM
Portal : Jagat Vichar
Reporter :
Mahesh Sharma
Mumbai भारी प्रचार, बड़े दावे और 50 सेलेब्रिटीज़ के साथ शुरू हुआ रियलिटी शो ‘द 50’ दर्शकों की उम्मीदों पर अब तक खरा उतरता नजर नहीं आ रहा है। लॉन्च से पहले जिस शो को “रियलिटी शोज का बाप” बताया जा रहा था, वह महज पांच दिनों में ही विवादों और हिंसा का पर्याय बनता दिख रहा है। सोशल मीडिया पर दर्शकों की नाराजगी साफ झलक रही है।
शो के शुरुआती एपिसोड्स में जिस तरह की झड़पें, गाली-गलौज और शारीरिक हिंसा दिखाई गई, उसने कंटेंट की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दर्शकों का कहना है कि यह शो मनोरंजन कम और अखाड़ा ज्यादा बन चुका है। कई सीन ऐसे रहे, जहां प्रतियोगी आपा खोते नजर आए और खेल की भावना पूरी तरह गायब दिखी।
अब तक बिग बॉस को टीवी का सबसे विवादित रियलिटी शो माना जाता था, लेकिन ‘द 50’ में दिखाई गई आक्रामकता ने उस धारणा को भी पीछे छोड़ दिया है। दर्शकों का मानना है कि यहां लड़ाई-झगड़े ही मुख्य कंटेंट बन गए हैं, जबकि टास्क, रणनीति और गेम प्लानिंग पूरी तरह कमजोर नजर आ रही है।
शो का फॉर्मेट भी दर्शकों को भ्रमित कर रहा है। न तो नियम स्पष्ट हैं और न ही प्रतियोगियों की भूमिका साफ दिखाई दे रही है। यही वजह है कि कई सेलेब्रिटीज़ अपने व्यक्तित्व और टैलेंट को दिखाने में नाकाम रहे हैं। टीवी इंडस्ट्री, भोजपुरी सिनेमा और यूट्यूब की दुनिया से आए बड़े नाम भी अब तक दर्शकों पर खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं।
सोशल मीडिया पर यूजर्स लगातार शो की आलोचना कर रहे हैं। कई दर्शकों का कहना है कि अगर शो में वॉयलेंस कम कर गेमप्ले और इंटेलेक्ट पर फोकस नहीं किया गया, तो यह शो ज्यादा दिन नहीं टिक पाएगा। कुछ लोग तो इसे “शोर-शराबे वाला कमजोर प्रयोग” तक कह रहे हैं।
टीवी एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि सिर्फ ज्यादा सेलेब्रिटीज़ लाने से कोई रियलिटी शो सफल नहीं होता। दर्शक अब स्मार्ट कंटेंट, इमोशन और स्ट्रैटेजी देखना चाहते हैं, न कि लगातार झगड़े और आक्रामकता।
फिलहाल, ‘द 50’ के मेकर्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि वे शो की दिशा कैसे बदलते हैं। अगर कंटेंट में सुधार नहीं हुआ, तो यह शो भी उन रियलिटी शोज की सूची में शामिल हो सकता है, जो बड़े दावों के बावजूद दर्शकों को बांधने में असफल रहे।
शो के शुरुआती एपिसोड्स में जिस तरह की झड़पें, गाली-गलौज और शारीरिक हिंसा दिखाई गई, उसने कंटेंट की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दर्शकों का कहना है कि यह शो मनोरंजन कम और अखाड़ा ज्यादा बन चुका है। कई सीन ऐसे रहे, जहां प्रतियोगी आपा खोते नजर आए और खेल की भावना पूरी तरह गायब दिखी।
अब तक बिग बॉस को टीवी का सबसे विवादित रियलिटी शो माना जाता था, लेकिन ‘द 50’ में दिखाई गई आक्रामकता ने उस धारणा को भी पीछे छोड़ दिया है। दर्शकों का मानना है कि यहां लड़ाई-झगड़े ही मुख्य कंटेंट बन गए हैं, जबकि टास्क, रणनीति और गेम प्लानिंग पूरी तरह कमजोर नजर आ रही है।
शो का फॉर्मेट भी दर्शकों को भ्रमित कर रहा है। न तो नियम स्पष्ट हैं और न ही प्रतियोगियों की भूमिका साफ दिखाई दे रही है। यही वजह है कि कई सेलेब्रिटीज़ अपने व्यक्तित्व और टैलेंट को दिखाने में नाकाम रहे हैं। टीवी इंडस्ट्री, भोजपुरी सिनेमा और यूट्यूब की दुनिया से आए बड़े नाम भी अब तक दर्शकों पर खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं।
सोशल मीडिया पर यूजर्स लगातार शो की आलोचना कर रहे हैं। कई दर्शकों का कहना है कि अगर शो में वॉयलेंस कम कर गेमप्ले और इंटेलेक्ट पर फोकस नहीं किया गया, तो यह शो ज्यादा दिन नहीं टिक पाएगा। कुछ लोग तो इसे “शोर-शराबे वाला कमजोर प्रयोग” तक कह रहे हैं।
टीवी एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि सिर्फ ज्यादा सेलेब्रिटीज़ लाने से कोई रियलिटी शो सफल नहीं होता। दर्शक अब स्मार्ट कंटेंट, इमोशन और स्ट्रैटेजी देखना चाहते हैं, न कि लगातार झगड़े और आक्रामकता।
फिलहाल, ‘द 50’ के मेकर्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि वे शो की दिशा कैसे बदलते हैं। अगर कंटेंट में सुधार नहीं हुआ, तो यह शो भी उन रियलिटी शोज की सूची में शामिल हो सकता है, जो बड़े दावों के बावजूद दर्शकों को बांधने में असफल रहे।