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खनन माफिया पर प्रहार
जिम्मेदार कर्मचारियों पर गिरी कार्रवाई की गाज
Government & Governance / सरकार व प्रशासन
Uttar Pradesh -
Saharanpur
अवैध खनन पर प्रशासन सख्त, सहारनपुर में DM की कार्रवाई से मचा हड़कंप
06 Feb 2026, 11:23 AM
Portal : Jagat Vichar
Reporter :
Mahesh Sharma
Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में अवैध खनन और खनिजों के गैरकानूनी परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए साफ संदेश दे दिया है कि नियमों से समझौता नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर की गई गहन जांच के बाद चार लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि दो संग्रह अमीनों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
मामला बेहट तहसील क्षेत्र के कलसिया चेक पोस्ट से जुड़ा है, जहां से खनिजों के अवैध परिवहन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने चेक पोस्ट पर तैनात कर्मियों की कार्यप्रणाली की विस्तृत जांच के आदेश दिए। तीन दिनों तक चली जांच में सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, वाहनों की एंट्री-एग्जिट रजिस्टर और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की गई।
जांच के दौरान यह सामने आया कि निर्धारित नियमों के बावजूद कई वाहनों को बिना समुचित जांच और दस्तावेजों के आगे जाने दिया गया। इसके अलावा, ड्यूटी पर तैनात कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिससे अवैध खनन और खनिज परिवहन को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा मिला।
प्रशासनिक जांच में लापरवाही और कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर चूक सामने आने के बाद चार लेखपालों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। वहीं, दो सीजनल संग्रह अमीनों को ब्लैकलिस्ट करते हुए भविष्य में किसी भी सरकारी जिम्मेदारी के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पर्यावरण और कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कर्मचारी हो या बाहरी तत्व।
प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से न सिर्फ खनन माफिया पर शिकंजा कसेगा, बल्कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले सरकारी कर्मचारियों को भी कड़ा संदेश जाएगा। साथ ही जिले भर में अन्य चेक पोस्टों और खनन क्षेत्रों की निगरानी और सख्त की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद जिले में अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है, वहीं आम जनता ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। प्रशासन ने दो टूक कहा है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कठोर कदम उठाए जाएंगे।
मामला बेहट तहसील क्षेत्र के कलसिया चेक पोस्ट से जुड़ा है, जहां से खनिजों के अवैध परिवहन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने चेक पोस्ट पर तैनात कर्मियों की कार्यप्रणाली की विस्तृत जांच के आदेश दिए। तीन दिनों तक चली जांच में सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, वाहनों की एंट्री-एग्जिट रजिस्टर और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की गई।
जांच के दौरान यह सामने आया कि निर्धारित नियमों के बावजूद कई वाहनों को बिना समुचित जांच और दस्तावेजों के आगे जाने दिया गया। इसके अलावा, ड्यूटी पर तैनात कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिससे अवैध खनन और खनिज परिवहन को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा मिला।
प्रशासनिक जांच में लापरवाही और कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर चूक सामने आने के बाद चार लेखपालों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। वहीं, दो सीजनल संग्रह अमीनों को ब्लैकलिस्ट करते हुए भविष्य में किसी भी सरकारी जिम्मेदारी के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पर्यावरण और कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कर्मचारी हो या बाहरी तत्व।
प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से न सिर्फ खनन माफिया पर शिकंजा कसेगा, बल्कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले सरकारी कर्मचारियों को भी कड़ा संदेश जाएगा। साथ ही जिले भर में अन्य चेक पोस्टों और खनन क्षेत्रों की निगरानी और सख्त की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद जिले में अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है, वहीं आम जनता ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। प्रशासन ने दो टूक कहा है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कठोर कदम उठाए जाएंगे।