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सोनभद्र में प्रसव के दौरान मौत
सोनभद्र में प्रसव के दौरान आशा कार्यकर्ता की मौत, अस्पताल स्टाफ के भागने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल
02 Jun 2026, 10:47 AM Uttar Pradesh - Sonbhadra
Reporter : Mahesh Sharma
Sonbhadra

अस्पताल में दर्दनाक हादसा सामने आया

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में प्रसव के दौरान एक आशा कार्यकर्ता की मौत का मामला सामने आया है, जिसने पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना कोन थाना क्षेत्र के ग्राम सभा बागेसोंती की बताई जा रही है, जहां 38 वर्षीय सीमा देवी को प्रसव पीड़ा के बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई।

इलाज के दौरान लापरवाही के आरोप

परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण महिला की जान चली गई। बताया जा रहा है कि प्रसव के समय स्थिति बिगड़ने के बावजूद समय पर उचित चिकित्सा सहायता नहीं दी गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टरों और स्टाफ की देरी और अनदेखी के कारण स्थिति और बिगड़ती चली गई। इस घटना के बाद परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

ऑपरेशन टेबल पर छोड़ा गया शव

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि महिला की मौत के बाद अस्पताल स्टाफ और संचालक कथित तौर पर मौके से फरार हो गए और शव को ऑपरेशन टेबल पर ही छोड़ दिया गया। इस घटना ने मानवता और चिकित्सा व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और तुरंत प्रशासन को सूचना दी। इस घटना से पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया और लोग अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे।

प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई शुरू

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने अस्पताल का निरीक्षण किया और गंभीर अनियमितताओं के चलते अस्पताल को सील कर दिया गया। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और स्टाफ के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि अगर लापरवाही साबित होती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

परिजनों का फूटा गुस्सा और आरोप

मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि यह पूरी तरह से लापरवाही का मामला है। उनका कहना है कि समय पर सही इलाज मिलता तो महिला की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी अस्पताल के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में निजी अस्पतालों की निगरानी और चिकित्सा मानकों की जांच और मजबूत करने की जरूरत है। फिलहाल प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यह घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।