Search News
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
आज दोपहर तीन बजकर बीस मिनट पर ग्रहण शुरू
साल का पहला चंद्र ग्रहण आज 3 मार्च 2026 को दोपहर तीन बजकर बीस मिनट पर शुरू होगा। ग्रहण शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। यह भारत के कई हिस्सों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। ज्योतिषियों के अनुसार इस दौरान सूर्य और चंद्र की स्थिति का विशेष महत्व है। धार्मिक और पारंपरिक दृष्टिकोण से यह समय विशेष माना जाता है।
ग्रहण भारत में पूरी तरह दृष्टिगोचर होगा
गणनाओं के अनुसार यह चंद्र ग्रहण भारत के अधिकांश हिस्सों में दृष्टिगोचर होगा। फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को लगने वाले इस ग्रहण का असर मानसिक, शारीरिक और आर्थिक क्षेत्रों में महसूस किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय धार्मिक और आध्यात्मिक क्रियाएं करना शुभ माना जाता है।
सूतक काल और इसकी महत्वपूर्ण टाइमिंग जारी
चंद्र ग्रहण के दौरान सूतक काल लागू रहेगा। धार्मिक परंपरा के अनुसार इस समय भोजन, यात्रा और महत्वपूर्ण कार्य टालना चाहिए। ग्रहण का सूतक काल दोपहर 2 बजकर 40 मिनट से शाम 7 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। ज्योतिषीय दृष्टि से यह समय ध्यान, मंत्र जाप और पूजा के लिए अनुकूल माना जाता है।
सिंह राशि वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह
इस ग्रहण का प्रभाव सिंह राशि पर विशेष रहेगा। इस राशि के जातकों को आने वाले कुछ दिनों में निर्णय लेने और यात्रा करने में सावधानी बरतनी चाहिए। स्वास्थ्य, मानसिक शांति और वित्तीय मामलों में सतर्कता जरूरी है। धार्मिक उपायों और मंत्र जाप से नकारात्मक प्रभाव कम किया जा सकता है।
ग्रहण के दौरान मंत्र जाप और पूजा अत्यंत फलदायी
ग्रहण के दौरान भगवान के मंत्रों का जप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार यह दस गुना अधिक फलदायक होता है। ग्रहण समाप्ति के बाद शुद्ध जल से स्नान करके, गरीबों को भोजन और दान देना शुभ माना जाता है। यह समय आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक शांति प्राप्त करने का अवसर है।
धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से सावधानियां अपनाना जरूरी
ग्रहण के दौरान मानसिक शांति और संयम बनाए रखना महत्वपूर्ण है। बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त ध्यान देने की सलाह दी गई है। यात्रा, भोजन और महत्वपूर्ण निर्णय ग्रहण काल में टालना चाहिए। धार्मिक और ज्योतिषीय उपायों से ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव कम किया जा सकता है। यह समय ध्यान, पूजा और चिंतन के लिए सर्वोत्तम है।
Latest News
Open