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विपक्ष का तीखा हमला Politics / राजनीति Delhi - New Delhi
जनकपुरी हादसे पर राजनीति गरमाई, केजरीवाल ने सरकार को घेरा
06 Feb 2026, 10:55 AM
Portal : Jagat Vichar Reporter : Mahesh Sharma
New Delhi दिल्ली के जनकपुरी इलाके में हुए दर्दनाक हादसे ने राजधानी की राजनीति को गरमा दिया है। सड़क पर खोदे गए एक गहरे गड्ढे में गिरकर एक युवक की मौत के बाद प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना को लेकर विपक्षी दल आम आदमी पार्टी ने सत्तारूढ़ सरकार पर तीखा हमला बोला है और इसे सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि “व्यवस्था की हत्या” करार दिया है।

घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बयान जारी करते हुए कहा कि यह हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित विभागों की लापरवाही के कारण एक निर्दोष व्यक्ति की जान चली गई। केजरीवाल ने कहा कि अगर समय रहते गड्ढे को सुरक्षित किया गया होता और चेतावनी संकेत लगाए गए होते, तो यह मौत टाली जा सकती थी।

इस मामले में दिल्ली जल बोर्ड ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए अधिकारियों में क्षेत्रीय अधिकारी, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं। जल बोर्ड का कहना है कि यह गड्ढा पाइपलाइन पुनर्वास कार्य के दौरान खोदा गया था और सुरक्षा मानकों का पालन न होना गंभीर चूक है।

आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर घटनास्थल की तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया कि युवक पूरी रात गड्ढे में फंसा रहा और समय पर मदद न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। उन्होंने इसे अमानवीय लापरवाही बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

वहीं, दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए सभी निर्माण कार्यों की सुरक्षा ऑडिट कराई जाएगी।

जनकपुरी हादसे ने एक बार फिर शहरी बुनियादी ढांचे, निगरानी तंत्र और विभागीय जवाबदेही पर बहस छेड़ दी है। आम जनता में भी गुस्सा है और लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब तक लापरवाही की कीमत आम नागरिक अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे। फिलहाल, जांच जारी है और सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।