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बाजार में तेज गिरावट
सेंसेक्स-निफ्टी लुढ़के, IT शेयर टूटे, सोना-चांदी की कीमतों में भी गिरावट
Business & Corporate / व्यापार व कॉरपोरेट
Delhi -
New Delhi
शेयर बाजार में भारी बिकवाली, सेंसेक्स 83 हजार नीचे फिसला, IT और मेटल शेयर दबाव में
06 Feb 2026, 05:32 AM
Portal : Jagat Vichar
Reporter :
Mahesh Sharma
New Delhi भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी दिन जोरदार गिरावट देखने को मिली। बुधवार को बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव हावी हो गया, जिससे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। सेंसेक्स करीब 350 अंक टूटकर 83,000 के अहम स्तर से नीचे आ गया, जबकि निफ्टी में भी कमजोरी दर्ज की गई।
इस गिरावट की बड़ी वजह निवेशकों में बनी अनिश्चितता मानी जा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में कोई बदलाव न किए जाने के बावजूद बाजार में सकारात्मक माहौल नहीं बन सका। निवेशकों को उम्मीद थी कि मौद्रिक नीति से बाजार को कुछ दिशा मिलेगी, लेकिन वैश्विक संकेतों और सेक्टर-विशेष दबाव के चलते शेयर बाजार फिसल गया।
बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से 21 शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे, जबकि केवल 9 शेयरों में मामूली तेजी रही। सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर पर देखने को मिला। टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टीसीएस और एचसीएल टेक जैसे दिग्गज आईटी शेयरों में भारी बिकवाली दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों में टेक शेयरों की कमजोरी का असर घरेलू बाजार पर भी साफ नजर आया।
बाजार की कमजोरी सिर्फ इक्विटी तक सीमित नहीं रही। सोना और चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में चांदी करीब 12 हजार रुपये टूटकर लगभग 2.29 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई, जबकि सोने की कीमतों में भी नरमी देखने को मिली। निवेशकों द्वारा सुरक्षित निवेश से भी फिलहाल दूरी बनाए जाने के संकेत मिले हैं।
व्यापक बाजार की बात करें तो बीएसई पर सूचीबद्ध 3,348 शेयरों में से 2,017 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 1,170 शेयरों में तेजी रही। 161 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। गिरावट की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 63 शेयरों में लोअर सर्किट लग गया, जो बाजार में डर और दबाव को दर्शाता है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। वैश्विक आर्थिक संकेत, आईटी सेक्टर पर दबाव और मुनाफावसूली के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने के बजाय बाजार की चाल को समझकर कदम उठाने की सलाह दी जा रही है।
कुल मिलाकर शेयर बाजार से लेकर कमोडिटी मार्केट तक कमजोरी का माहौल बना हुआ है और आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों और आर्थिक आंकड़ों पर बनी रहेगी।
इस गिरावट की बड़ी वजह निवेशकों में बनी अनिश्चितता मानी जा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में कोई बदलाव न किए जाने के बावजूद बाजार में सकारात्मक माहौल नहीं बन सका। निवेशकों को उम्मीद थी कि मौद्रिक नीति से बाजार को कुछ दिशा मिलेगी, लेकिन वैश्विक संकेतों और सेक्टर-विशेष दबाव के चलते शेयर बाजार फिसल गया।
बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से 21 शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे, जबकि केवल 9 शेयरों में मामूली तेजी रही। सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर पर देखने को मिला। टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टीसीएस और एचसीएल टेक जैसे दिग्गज आईटी शेयरों में भारी बिकवाली दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों में टेक शेयरों की कमजोरी का असर घरेलू बाजार पर भी साफ नजर आया।
बाजार की कमजोरी सिर्फ इक्विटी तक सीमित नहीं रही। सोना और चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में चांदी करीब 12 हजार रुपये टूटकर लगभग 2.29 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई, जबकि सोने की कीमतों में भी नरमी देखने को मिली। निवेशकों द्वारा सुरक्षित निवेश से भी फिलहाल दूरी बनाए जाने के संकेत मिले हैं।
व्यापक बाजार की बात करें तो बीएसई पर सूचीबद्ध 3,348 शेयरों में से 2,017 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 1,170 शेयरों में तेजी रही। 161 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। गिरावट की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 63 शेयरों में लोअर सर्किट लग गया, जो बाजार में डर और दबाव को दर्शाता है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। वैश्विक आर्थिक संकेत, आईटी सेक्टर पर दबाव और मुनाफावसूली के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने के बजाय बाजार की चाल को समझकर कदम उठाने की सलाह दी जा रही है।
कुल मिलाकर शेयर बाजार से लेकर कमोडिटी मार्केट तक कमजोरी का माहौल बना हुआ है और आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों और आर्थिक आंकड़ों पर बनी रहेगी।